रिपोर्टर प्रदीप कुमार



हैदरगढ़ बाराबंकी लोनी कटरा थाना क्षेत्र अंतर्गत आतिशबाजी निर्माण के दौरान लगी आग से हुए विस्फोट में आतिशबाजी बना रहे 3 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए जिनमें से दो की हालत काफी नाजुक होने से उन्हें लखनऊ व्यापार कर दिया गया है जब बात इस बाज आतिशबाजी लाइसेंस धारक त्रिवेदीगंज निवासी फकरुद्दीन के आतिशबाजी निर्माण अड्डे पर बुधवार को बुधवार को जामुन अखिलेश पुत्र राम रूप राममिलन पुत्र सीटू सिया राम पुत्र जगमोहन आतिशबाजी निर्माण के लिए बारूद मिश्रण कर रहे थे तभी मोबाइल पर बजी घंटी रिसीव करते ही बारूद में आग लग गई और हादसा घटित हो गया जिसमें तीनों बुरी तरह से झुलस गए आनन फानन पुलिस फायर आदि को सूचना दी गई और घायलों को सीएचसी त्रिवेदीगंज पहुंचाया गया जहां पर अखिलेश व राममिलन की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें रेफर कर दिया हरा स्तर पर हुई चूक का नतीजा है सोनिकपुर का यह आतिशबाजी हादसा त्रिवेदी का निवासी फखरुद्दीन का लाइसेंस नवीनीकरण मानकों को दरकिनार करके किया गया क्योंकि जिस जगह आतिशबाजी का निर्माण होता है वहां से कम से कम 200 मीटर दूर आबादी का प्रावधान माना गया है लेकिन आज जहां हादसा हुआ वह मात्र आबादी से 20 मीटर की दूरी पर निर्माण स्थल लाइसेंसधारक फखरुद्दीन ने बना रखा है इसी से सटे अनुसूचित जनजाति की बिरादरी के लोग व अन्य आबादी स्थित है अस्पताल में भी रही अफरा-तफरी इमरजेंसी के सभी सभी सिस्टम रहे फेल और तो और चिकित्सा अधीक्षक भी सीएचसी से नदारद रहे आवर लोगों द्वारा संपर्क करने पर उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ रहा अचानक हुए इस हादसे से घायल जब अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई सभी स्टाफ वार्ड अस्त व्यस्त रहा डॉक्टर प्रदीप फार्मासिस्ट ओबेदुल्ला खान ही अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हुए इलाज को आगे आए और इलाज शुरू किया मजेदार बात यह भी है कि यह हादसा यदि थोड़ा और वह नहीं होता तो बहुत बड़ा हादसा हो सकता था क्योंकि मात्र 50 मीटर की दूरी पर ही पूर्व प्राप्त विद्यालय सोनिकपुर भी स्थित है जहां बच्चे अध्ययन करते हैं ज्ञात हो कि त्रिवेदीगंज के लाइसेंस धारकों द्वारा शासन प्रशासन को गुमराह कर जाट हो त्रिवेदी गंज के लाइसेंस धारकों द्वारा शासन प्रशासन को गुमराह कर लाइसेंस प्राप्त किए जाते हैं बता दे कि इससे पूर्व त्रिवेदीगंज कस्बे के भीतर आबादी के मध्य पटाखों के निर्माण के दौरान आज से पूर्व विस्फोट होने से 2 मंजिला इमारत न केवल थक गई थी बल्कि उसमें से निर्माण कर रहे कई लोगों की मौत हो चुकी है बावजूद इसके शासन-प्रशासन पटाखों के निर्माण के लाइसेंस के नवीनीकरण और जारी करने की मांगों को कतई नजरअंदाज कर लाइसेंस देकर इस तरह के हादसों का खुला निमंत्रण देता रहता है
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