कन्नौज। गेहूं खरीद केन्द्रों में सभी जरुरी तैयारियां कर 28 मार्च तक प्रत्येक दशा में केन्द्र व्यवस्थापित हो जाएं और उन पर सभी अनिवार्य आवश्यकताएं पूरी कर ली जाएं। कमी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सभी जिला प्रबन्धक अपने-अपने केन्द्रों पर उपस्थित रहकर खरीद कराना सुनिष्चित करें। यह निर्देश जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित गेहूं खरीद केन्द्रों की बैठक में अफसरों को दिए।

किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नहीं

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक दषा में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद की जानी है, इसलिए प्रत्येक खरीद केन्द्र और मण्डियों पर सुस्पष्ट बैनर लगाए जाएं, जिन पर गेहूं खरीद केन्द्रों के बारे में विवरण दर्ज हो। केन्द्रों पर छाया, पेयजल, बारदाना आदि की समुचित व्यवस्था सुनिष्चित कर ली जाए। कृषकों को इस बार 1735 रुपये प्रति कुन्तल की दर से गेहूं का मूल्य और 10 रुपये प्रति कुन्तल पल्लेदारी एवं सफाई का भुगतान किया जानाा है और यह 1745 रुपये प्रति कुन्तल किसान के खाते में हस्तान्तरित किया जाएगा, इसमें किसी भी तरह की लापरवाही क्षम्य नही होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि महिला कृषकों को वरीयता दी जाएगी, लघु और सीमान्त कृषकों को बिक्री के लिए बुधवार और शनिवार का दिन आरक्षित रखा जाएगा। बैठक में गैर हाजिर रहे छिबरामऊ और सौरिख के मार्केटिंग इन्सपेक्टर का एक दिन का वेतन काट लिए जाने के निर्देष दिए। जिले में विपणन के 6 पीसीएफ के 27, एग्रो 1 कर्मचारी कल्याण निगम 1, एफसीआई 2, एनसीसीएफ 4 तथा नोफिड के तीन को मिलाकर 44 गेहूं खरीद केन्द्र बनाए गए हैं और इस बार चार लाख तेरह हजार कुन्तल गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में जिला खरीद अधिकारी डीपी सिंह, डिप्टी आरएमओ गयाप्रसाद समेत सभी संबधित अधिकारी मौजूद रहे


28 को बुलाई गई विकास खण्ड स्तरीय खाद्य सतर्कता की बैठक

कन्नौज। जिला स्तरीय खाद्य सतर्कता की बैठक में जिलाधिकारी ने, जोकि समिति के अध्यक्ष भी हैं, ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देष दिया है कि वे 28 मार्च को सभी विकास खण्ड स्तर की समितियों की बैठक बुलाकर अनिवार्य रुप से इन समितियों और इनके कामकाज के बारे में उपभोक्ताओं को अवगत करा दें।

अपीलीय अधिकारी के रूप में समिति काम करती है

उन्होने निर्देशित किया कि बैठकों का कार्यवृत अनिवार्य रूप से 31 मार्च तक बेवसाइट पर अपलोड करा दिया जाए और उसकी हार्ड कापी, उनके कार्यालयों को भी उपलब्ध कराई जाए। जिला शिकायत निवारण अधिकारी अपने स्तर पर समिति के अधिकार और दायित्वों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार कर यह सुनिष्चित करें कि शिकायतकर्ता को न्याय नहीं मिलने की दशा में अपीलीय अधिकारी के रूप में समिति काम करती है।
उल्लेखनीय है कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के मुताबिक अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जिला शिकायत निवारण अधिकारी होते हैं। उप जिलाधिकारी अथवा जिला पूर्ति अधिकारी के स्तर पर शिकायतकर्ता को राहत नहीं मिलने की दशा में शिकायतकर्ता, शिकायत निवारण अधिकारी के यहां अपील कर सकता है।

सभी सदस्य अनिवार्य रूप से मौजूद रहे

बैठक में नगर क्षेत्र में ई-पाष मशीनों द्वारा राषन वितरण के बारे में सदस्यों को अवगत कराने के निर्देष दिए गए, साथ ही आधार अधिकरण के बारे में भी अद्यतन स्थिति से अवगत कराने को कहा गया। बैठक में समिति के कई सदस्यों के नही आने पर डीएम ने कड़ी आपत्ति जताई और यह सुनिश्चित करने को कहा कि अगली बैठक में सभी सदस्य अनिवार्य रूप से मौजूद रहे।
जिलाधिकारी ने समिति में नामित दो जिला स्तरीय सदस्यों के नामकरण पर भी अपनी आपत्ति जताई और जानना चाहा कि एसडीएम सदर जिला स्तरीय अधिकारी कैसे हैं। यह और बात है कि तत्कालीन जिलाधिकारी डा. अषोक चन्द्रा ने अपनी हस्तलिपि में एसडीएम सदर और पंचायतराज अधिकारी को समिति में नामित किया था। संकेत मिले हैं कि इन दोनो नामित सदस्यों को किन्ही नए सदस्यों से बदला जा सकता है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, एसडीएम सदर शालिनी प्रभाकर, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. ओपी आर्या, बेसिक षिक्षाधिकारी अखण्ड प्रताप सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौर्या और खाद्य सुरक्षा अधिकारी सतीष कुमार शुक्ला मौजूद रहे।

कानपुर मंडल

कन्नौज : 44 केन्द्रों के जरिए खरीदा जाएगा चार लाख कुन्तल से ज्यादा गेहूं


बृजेश चतुर्वेदी कन्नौज। गेहूं खरीद केन्द्रों में सभी जरुरी तैयारियां कर 28 मार्च तक प्रत्येक दशा में केन्द्र व्यवस्थापित हो जाएं और उन पर सभी अनिवार्य आवश्यकताएं पूरी कर ली जाएं। कमी मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में सभी जिला प्रबन्धक अपने-अपने
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