कन्नौज से विमलेश कुशवाहा की खास रिपोर्टर
नवरात्र आते ही मां भक्तों में बहुत ही आस्था व श्रद्धा देखने को मिलती है वही दूर-दूर से भक्त लोग चलकर माता के दर्शन करने पहुंचते हैं व पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था को प्रकट करते हैं ऐसा ही एक स्थान है प्राचीन सिध्दपीढ़ माँ फूलमती देवी मंदिर कन्नौज में जहां पर भक्तों की बहुत बड़ी आस्था है भक्तों की माने तो यह स्थान सैकड़ों वर्ष पुराना है यहां एक नीम के पेड़ के नीचे माता जी प्रकट हुई और गांव वालों को स्वप्न के माध्यम से अवगत कराया कि मैं यहां पर विराजमान हूं और हमारी पूजा अर्चना करो तब से लेकर आज तक माता जी की पूजा होती चली आ रही है व माता जी के गांव के प्रति बहुत ही रहमोकरम भी हैं एक माताजी की विशेषता है कि जिस नीम के पेड़ के नीचे माता जी विराजमान हुई थी सी भी समय उस पेड़ पर लाउडस्पीकर नहीं बजता है वहीं दूसरी विशेषता लोगों की माने तो सुबह कितना भी जल्दी दर्शन करने के लिए भक्त आते हैं लेकिन उससे पहले माता जी की पूजा हो चुकी होती है यह दृश्य देख लोग बहुत ही चकित हो जाते हैं इस स्थान को लेकर लोगों को बहुत ही उम्मीद आज भी जागृत है लोग प्रशासन से मेन रोड से लेकर मां माँ दुर्गा फूलमती जो श्रद्धालु भक्त दूर-दूर से माता जी के दर्शन करने आते हैं उनके आवागमन में कोई दिक्कत ना आए देखा जाए तो लोग दूसरे जनपद से भी चलकर मां भक्त नवरात्रि में मां के दर्शन करने आते हैं वह उनका पूजन अर्चन कर अपने जीवन को धंय बनाते हैं वहीं कुछ वक्त करीब 4 - 5 ,10 किलोमीटर पैदल चलकर व अपने निजी वाहनों से माता जी के स्थान पर पहुंचते हैं और दर्शन करते हैं ऐसे में लोगों को काफी उत्साहित देखने को मिला इसलिए मां भक्तों ने यूपी सरकार व कानून प्रसाशन से व्यवस्था बनाये रखने की मांग कर रहे है
नवरात्र आते ही मां भक्तों में बहुत ही आस्था व श्रद्धा देखने को मिलती है वही दूर-दूर से भक्त लोग चलकर माता के दर्शन करने पहुंचते हैं व पूजन-अर्चन कर अपनी आस्था को प्रकट करते हैं ऐसा ही एक स्थान है प्राचीन सिध्दपीढ़ माँ फूलमती देवी मंदिर कन्नौज में जहां पर भक्तों की बहुत बड़ी आस्था है भक्तों की माने तो यह स्थान सैकड़ों वर्ष पुराना है यहां एक नीम के पेड़ के नीचे माता जी प्रकट हुई और गांव वालों को स्वप्न के माध्यम से अवगत कराया कि मैं यहां पर विराजमान हूं और हमारी पूजा अर्चना करो तब से लेकर आज तक माता जी की पूजा होती चली आ रही है व माता जी के गांव के प्रति बहुत ही रहमोकरम भी हैं एक माताजी की विशेषता है कि जिस नीम के पेड़ के नीचे माता जी विराजमान हुई थी सी भी समय उस पेड़ पर लाउडस्पीकर नहीं बजता है वहीं दूसरी विशेषता लोगों की माने तो सुबह कितना भी जल्दी दर्शन करने के लिए भक्त आते हैं लेकिन उससे पहले माता जी की पूजा हो चुकी होती है यह दृश्य देख लोग बहुत ही चकित हो जाते हैं इस स्थान को लेकर लोगों को बहुत ही उम्मीद आज भी जागृत है लोग प्रशासन से मेन रोड से लेकर मां माँ दुर्गा फूलमती जो श्रद्धालु भक्त दूर-दूर से माता जी के दर्शन करने आते हैं उनके आवागमन में कोई दिक्कत ना आए देखा जाए तो लोग दूसरे जनपद से भी चलकर मां भक्त नवरात्रि में मां के दर्शन करने आते हैं वह उनका पूजन अर्चन कर अपने जीवन को धंय बनाते हैं वहीं कुछ वक्त करीब 4 - 5 ,10 किलोमीटर पैदल चलकर व अपने निजी वाहनों से माता जी के स्थान पर पहुंचते हैं और दर्शन करते हैं ऐसे में लोगों को काफी उत्साहित देखने को मिला इसलिए मां भक्तों ने यूपी सरकार व कानून प्रसाशन से व्यवस्था बनाये रखने की मांग कर रहे है



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