ड्यूटी के समय दुर्घटना में घायल सेना के जवान की इलाज के दौरान मौत हो गई। सेना का जवान अंबाला हरियाणा में नायक के पद पर तैनात थे
फतेहपुर जनपद के जाफरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत कसियापुर गांव निवासी चंद्रपाल उमराव का 45 वर्षीय पुत्र मदन किशोर उमराव हरियाणा प्रदेश के अंबाला में नायक पद के पद पर तैनात थे।18 जून को जब वह ड्यूटी में जा रहे थे तभी उनकी गाड़ी के सामने कोई जानवर अ जाने उससे गाड़ी भिड़ जाने से सामने बिजली के खम्भे में जा टकराये और गंभीर चोट लग जाने से आनन फानन अम्बाला कैंट में भर्ती कराया गया जहाँ हालात में कुछ सुधार नहीं आने से इनको मिलिट्री अस्पताल चंडीगढ़ शिफ्ट किया गया पर कुछ ही समय बाद जवान की अंतिम साँसे छूट गयी और दुनिया को अलविदा कह गए। उनका शव मंगलवार को सुबह उनके पैतृक गांव कसियापुर सैनिक के विशेष वाहन से आया तो कोहराम मच गया परिजन रो-रो कर बेहाल हो रहे थे।हजारों की संख्या में मौजूद क्षेत्रीय लोगों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पत्नी सुषमा देवी और अन्य परिजन रो-रो कर बेहाल हो रहे थे।उनके एक 15 वर्षीय पुत्र अमन है। वह अपने परिवार के साथ अंबाला हरियाणा में ही रह रहे थे।उनके बड़े भाई विजय बहादुर उमराव भी सेना में कार्यरत हैं जबकि एक भाई कंधई तथा उनके पिता चंद्रपाल खेती का काम करते हैं
फतेहपुर जनपद के जाफरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत कसियापुर गांव निवासी चंद्रपाल उमराव का 45 वर्षीय पुत्र मदन किशोर उमराव हरियाणा प्रदेश के अंबाला में नायक पद के पद पर तैनात थे।18 जून को जब वह ड्यूटी में जा रहे थे तभी उनकी गाड़ी के सामने कोई जानवर अ जाने उससे गाड़ी भिड़ जाने से सामने बिजली के खम्भे में जा टकराये और गंभीर चोट लग जाने से आनन फानन अम्बाला कैंट में भर्ती कराया गया जहाँ हालात में कुछ सुधार नहीं आने से इनको मिलिट्री अस्पताल चंडीगढ़ शिफ्ट किया गया पर कुछ ही समय बाद जवान की अंतिम साँसे छूट गयी और दुनिया को अलविदा कह गए। उनका शव मंगलवार को सुबह उनके पैतृक गांव कसियापुर सैनिक के विशेष वाहन से आया तो कोहराम मच गया परिजन रो-रो कर बेहाल हो रहे थे।हजारों की संख्या में मौजूद क्षेत्रीय लोगों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी पत्नी सुषमा देवी और अन्य परिजन रो-रो कर बेहाल हो रहे थे।उनके एक 15 वर्षीय पुत्र अमन है। वह अपने परिवार के साथ अंबाला हरियाणा में ही रह रहे थे।उनके बड़े भाई विजय बहादुर उमराव भी सेना में कार्यरत हैं जबकि एक भाई कंधई तथा उनके पिता चंद्रपाल खेती का काम करते हैं



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