थाना क्षेत्र के मनिहारी गांव में 2 साल पहले गायब हुए कबीरनाथ के रहस्यमय हत्या का खुलासा हो गया आज पुलिस अधीक्षक सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए एसपी विनीत जैन एवं नागेंद्र सिंह टीआई बरगवां ने एक-एक घटनाक्रम का विस्तार पूर्वक व्यौरा दिया ।
बताया गया है कि बीते 2 साल पहले मनिहारी ग्रामवासी कबीर नाथ वैश्य अचानक गायब हो गया था उसके भाई की सूचना पर गुमशुदगी दर्ज की जिसकी लगातार पड़ताल पुलिस द्वारा जारी थी इसी बीच हत्या में शामिल रामायण बसने पूछताछ के दौरान घटना के बारे में अपराध स्वीकार करते हुए बताया कुछ दिनों से हत्या में शामिल रामायण ने खुद ब खुद थाने पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को बता दी ।
अंततः थाने जाकर अपना जुर्म कबूलते हुए कबीरदास के शव को दफनाने कि जगह बता दी जांच पड़ताल पूछताछ के दौरान मृतक कबीर दास की पत्नी कलावती अंततः टूट गई तथा अपना अपराध स्वीकार करते हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। इस अंधी हत्या की घटना में आरोपी पत्नी कलावती एवं उसके सहयोगी रामायण वैश्य के विरुद्ध धारा ३०२,२०१,३४ के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्त में ले लिया गया है वही घटनास्थल से मृतक की हड्डियां एवं अन्य सामान जप्त कर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है इस कार्यवाही में
फिलहाल ऐसा कहा जा रहा है कि मृतक की पत्नी ने मामले से साफ-साफ इंकार किया तथा दो वर्षों से लोगों को बताती रही,,,?
कि उसका पति कबीरनाथ मुंबई एक कंपनी में काम करने गया था तथा बीच-बीच में आते रहता है देर रात आता हैं तथा अलसुबह चला जाता था और खर्चा खुराकी भी देता था ।
यह बात मनिहारी के रहने वालों को पच नहीं रही थी इसी बीच में रामायण ने मामले का खुलासा कर दिया ।
पुलिस ने बताया कि घटना में गुमशुदा कबीर नाथ कि पत्नी ने घटना की रात अपने प्रेमी रामायण को घर में सांप घुस आने की बात बता कर रामायण को बुलाया था एवं कबीरदाश का गला घोंट कर हत्या बाद शव को दफनाने में मदद ली थी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से पड़ताल की जा रही थी ,,,,?
अब मामला वरिष्ठ अधिकारियों एवं कलेक्टर तक पहुंचा इस मामले में एसडीएम के आदेश पर रामायण के बताए अनुसार उसी जगह कि जेसीबी से खुदाई कर मृतक के घर अवशेष बरामद कर जब्त किए ,,,?
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक उपेन्द्र मणी शर्मा, पीएसआई संदीप नामदेव, एएसआई आर के त्रिपाठी, डी आर सिंह, प्र०आ० पप्पू सिंह, रमेश प्रसाद, उमेश अग्निहोत्री, राय सिंह, रामसुख यादव, अमित जायसवाल, विजय पटेल, अरविंद रावत, विक्रम सिंह एवं महिला आरक्षक हेमलता मिश्रा कि भूमिका उल्लेखनीय रही।
इस मामले को लेकर गांव से बाजार तक तरह-तरह कि चर्चाएं होने लगी थी।
*पुलिस का कहना है*
फिलहाल यह मामला संज्ञान में आया है दो वर्ष पूर्व माह जून 2016 में कबीरनाथ लापता हुआ था जिसे गुमशुदगी दर्ज होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन पर पड़ताल की जा रही थी इसी बीच सूत्र से सूत्र मिलते चले गए।
नागेन्द्र सिंह
टीआई बरगवां
*बोले कप्तान*
प्रकरण कि जानकारी मिलते ही एक एक पहलू कि बारीकी से जांच की मांग गयी तब जा कर इस अंधी और रहस्यमय हत्या का खुलासा हो सका।
विनीत जैन
एसपी सिंगरोली
बताया गया है कि बीते 2 साल पहले मनिहारी ग्रामवासी कबीर नाथ वैश्य अचानक गायब हो गया था उसके भाई की सूचना पर गुमशुदगी दर्ज की जिसकी लगातार पड़ताल पुलिस द्वारा जारी थी इसी बीच हत्या में शामिल रामायण बसने पूछताछ के दौरान घटना के बारे में अपराध स्वीकार करते हुए बताया कुछ दिनों से हत्या में शामिल रामायण ने खुद ब खुद थाने पहुंचकर घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को बता दी ।
अंततः थाने जाकर अपना जुर्म कबूलते हुए कबीरदास के शव को दफनाने कि जगह बता दी जांच पड़ताल पूछताछ के दौरान मृतक कबीर दास की पत्नी कलावती अंततः टूट गई तथा अपना अपराध स्वीकार करते हुए घटनाक्रम की जानकारी दी। इस अंधी हत्या की घटना में आरोपी पत्नी कलावती एवं उसके सहयोगी रामायण वैश्य के विरुद्ध धारा ३०२,२०१,३४ के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर गिरफ्त में ले लिया गया है वही घटनास्थल से मृतक की हड्डियां एवं अन्य सामान जप्त कर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है इस कार्यवाही में
फिलहाल ऐसा कहा जा रहा है कि मृतक की पत्नी ने मामले से साफ-साफ इंकार किया तथा दो वर्षों से लोगों को बताती रही,,,?
कि उसका पति कबीरनाथ मुंबई एक कंपनी में काम करने गया था तथा बीच-बीच में आते रहता है देर रात आता हैं तथा अलसुबह चला जाता था और खर्चा खुराकी भी देता था ।
यह बात मनिहारी के रहने वालों को पच नहीं रही थी इसी बीच में रामायण ने मामले का खुलासा कर दिया ।
पुलिस ने बताया कि घटना में गुमशुदा कबीर नाथ कि पत्नी ने घटना की रात अपने प्रेमी रामायण को घर में सांप घुस आने की बात बता कर रामायण को बुलाया था एवं कबीरदाश का गला घोंट कर हत्या बाद शव को दफनाने में मदद ली थी।
फिलहाल पुलिस प्रशासन गुमशुदगी दर्ज होने के बाद से पड़ताल की जा रही थी ,,,,?
अब मामला वरिष्ठ अधिकारियों एवं कलेक्टर तक पहुंचा इस मामले में एसडीएम के आदेश पर रामायण के बताए अनुसार उसी जगह कि जेसीबी से खुदाई कर मृतक के घर अवशेष बरामद कर जब्त किए ,,,?
इस कार्रवाई में उप निरीक्षक उपेन्द्र मणी शर्मा, पीएसआई संदीप नामदेव, एएसआई आर के त्रिपाठी, डी आर सिंह, प्र०आ० पप्पू सिंह, रमेश प्रसाद, उमेश अग्निहोत्री, राय सिंह, रामसुख यादव, अमित जायसवाल, विजय पटेल, अरविंद रावत, विक्रम सिंह एवं महिला आरक्षक हेमलता मिश्रा कि भूमिका उल्लेखनीय रही।
इस मामले को लेकर गांव से बाजार तक तरह-तरह कि चर्चाएं होने लगी थी।
*पुलिस का कहना है*
फिलहाल यह मामला संज्ञान में आया है दो वर्ष पूर्व माह जून 2016 में कबीरनाथ लापता हुआ था जिसे गुमशुदगी दर्ज होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों से मार्गदर्शन पर पड़ताल की जा रही थी इसी बीच सूत्र से सूत्र मिलते चले गए।
नागेन्द्र सिंह
टीआई बरगवां
*बोले कप्तान*
प्रकरण कि जानकारी मिलते ही एक एक पहलू कि बारीकी से जांच की मांग गयी तब जा कर इस अंधी और रहस्यमय हत्या का खुलासा हो सका।
विनीत जैन
एसपी सिंगरोली



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