2017 के विधानसभा के चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार आने के बाद जैसे ही भाजपा ने योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया तो प्रदेश में नए नए फैसलों के भूचाल आगये जैसे एंटी रोमियो , सरकारी कार्यलयों में गुटका पर पाबंदी



स्कूल कालेजों के समीप गुटका तम्बाकू की दुकानों पर बैन और हाइवे एवं बस्तियो पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने का आदेश हुआ  लेकिन  जिम्मेदार अधिकारी इन सभी आदेशों को  नजरअंदाज करते हुए  बड़े बड़े कारनामे कर रहे हैं कारनामे ऐसे की रोह तक कांप उठे कारनामों को सुनकर नाम न छापने की शर्त पर  कुछ  ग्रामीणों ने बताया  कि क्षेत्र में ऐसे अधिकारी हैं जो कहते हैं पैसा दो गांजा बेचो  पैसा दो दारू बेचो  पैसा दो चोरी करो  पैसा तो कत्ल करो और भी इनके अलावा कुछ गलतियां हो गई हैं तो पैसा दो  और फिर से करो  यदि कोई व्यक्ति इन सभी चीजों की शिकायत करता है तो उसको  पकड़ कर  गांजा लगा कर जेल भेज दिया जाएगा तमंचा लगाकर जेल भेज दिया जाएगा यह तो किसी चोरी में बड़ी धाराएं लगाकर  ! *जब रक्षक ही भक्षक  बना रहेगा ,तो कैसे बनेगा भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश*
 गुनाह न करने वाले शरीफ व्यक्ति को जेल के अंदर धकेल दिया जाता है जो गुनाह करते हैं उन्हें  खुलेआम  छोड़ दिया जाता है  वो और बड़े-बड़े गुनाह करते हैं यदि कोई घटना हो जाती है और उस घटना की सूचना  कोई शरीफ व्यक्ति  दे देता है तो उससे इतनी पूछताछ की जाती है इतना व्यक्ति को भयभीत कर दिया जाता है कि  उस घटना का गवाह भी बनना उचित नहीं समझता और ना ही कभी किसी घटना को बताना उचित समझता इस प्रकार से  चलता है उत्तर प्रदेश का शासन सिस्टम इन्हीं फैसलों में से एक महत्वपूर्ण फैसला था कि 15 जून 2017 तक उत्तर प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया जाएगा लेकिन 15 जून 2017 तो छोड़िए 15 जून 2018 निकलने के बावजूद उत्तर प्रदेश की सड़कें गड्ढा मुक्त नही हो सकी ।



कुछ ऐसा ही मामला जनपद चित्रकूट का है जहाँ पहाडी थाना  क्षेत्र के कई सड़क  गड्ढा युक्त है बरेठी रोड ,लोहदा रोड कलवारा मार्ग  और कई अन्य सडकें थोड़ी सी बारिश होने से ही गड्ढे पानी से भर जाते है सडको मे दलदल हो जाता है अब बहुत सारी इमरजेंसी सेवाएं जिनको आधे घंटे में पहुंचना है वह रोड खराब के चलते 1 घंटे में पहुंचती है समय से न पहुंचने के कारण कई घटनाएं भी घट जाती संबंधित अधिकारियों के भ्रष्टाचार के कारण कोई भी विकास गांव के ग्रामीणो तक नहीं पहुंचता भ्रस्ट अधिकारियों की लहर  सी आ गई है योगी मोदी सरकार के वादों पर पलीता लगा रहे हैं  भ्रस्ट अधिकारी  अपनी कमाई के चलते किसी पीड़ित को सही से न्याय भी नहीं मिलता यदि न्याय के लिए अधिकारियों के पास जाना होता है तो 10 बार जरूर सोचता है कि मैं क्या वहां पर न्याय की गुहार लगाऊं या नहीं  क्योंकि वह जानता है व्यक्ति मुझे न्याय तो मिलेगा नहीं लेकिन  मेरा समय जरूर बर्बाद होगा  और मुझी को गाली मिलेंगी  हो सकता है  मुझको ही सजा भी मिल जाए  और जो गुनाह करने वाला मेरे घर परिवार के साथ और बड़ा गुनाह कर सकता है मोदी सरकार अपना इतना खौफ दिखा रही है कई प्रकार की हेल्पलाइन नंबर  एवं कई प्रकार की  सुविधाएं  चलाए जा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद  भ्रष्ट अधिकारियों  के अंदर किसी प्रकार का कोई  खौफ नहीं है  चारों तरफ जिम्मेदार अधिकारी  भ्रष्टाचार को फैला रहे हैं कैसे होगा भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश पीड़ित को इतना पीड़ित करते हैं की वही पीड़ित एक बड़ी घटना को अंजाम देने वाला बन जाता है और अंजाम करने वाले को खुला छोड़ दिया जाता है जिससे उसका हौसला बुलंद रहता है

*योगी जी आपको भ्रष्टाचार के खिलाफ इस भ्रस्ट सिस्टम पर बड़ी कार्यवाही करनी पड़ेगी नही तो आपका और आपके प्रधानमंत्री जी का सपना केवल चुनावी नारों तक ही सीमित रहेगा।*

*उत्तर प्रदेश के बांदा चित्रकूट जिले से दिनेश सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट*
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