यदि सच में स्वामी प्रसाद मौर्य , केशव प्रसाद मौर्य , धर्म सिंह सैनी , ममतेश शाक्य , तपेन्द्र शाक्य , केशव देव , बाबू सिंह कुशवाहा, अविनाश कुशवाहा , उपेंद्र कुशवाहा, अशोक गहलोत आदि जितने भी उच्च या निम्नमध्यवर्गीय नेता , तमाम महासभाएं , राजनैतिक दल , सामाजिक संगठन आदि हैं जो अपने आप को समाज का मसीहा , अगुआकार , ठेकेदार , शुभचिंतक , नेतृत्वकर्ता समझते या मानते हैं तो उन लोगों से मैं कहना चाहता हूँ कि भारत सरकार के सम्मानजनक पद पर गृहमंत्री के रूप में आसीन राजनाथ सिंह के द्वारा दिये गए तुच्छ , विरोधाभासी , अंधविश्वासी , घटिया मानसिकता की प्रव्रत्ति , भारत के स्वर्णिम इतिहास को भुलाने , जातिवादी सोंच पनपाने, अशोभनीय बयानबाजी की की महान् सम्राट चन्द्रगुप्त मौर्य उच्च जाति के नहीं निम्न जाति के थे वाले बयान पर खुलकर एकजुट होकर   विरोध करें यदि ऐसा नहीं करते हैं तो मैं समझता हूँ कि जिस समाज के नेता मुर्दा हो गए वह समाज भी मुर्दा के समान है लेकिन मैं उत्तम कुशवाहा खुलकर राजनाथ सिंह को चैलेंज कर् रहा हूँ कि आइये और हमारे सामने सार्वजनिक मंच पर  मुझसे वार्तालाप कीजिये और देखिए परिणामस्वरूप क्या होता है....

साथियों धिक्कार है जो मध्यमवर्गीय , निम्नवर्गीय समाज से , मौर्यवंश के अंश सांसदगण , तमाम जनप्रतिनिधि उस समय संसद में मौजूद थे और उन्होंने उस दौरान इसका विरोध भी नहीं किया बस यही होती है मुर्दों की पहचान.......

उठो साथियों,  उठो साथियों
जागो साथियों , जागो साथियों
अब अपना हक़ खुद माँगों.....
अब अपना अधिकार खुद माँगों.....
उठो साथियों, उठो साथियों....
जागो साथियों ,जागो साथियों....
अब अपना इतिहास खुद रचा लो
अब अपना इतिहास खुद बना लो....

साथियों मैं सोशल मीडिया के माध्यम से माननीय राजनाथ सिंह जी से कहना चाहूँगा की मंत्री जी ये मत सोचो कि हमारा समाज अभागा है अरे मंत्री जी अभागा नहीं अभी तो हमारा समाज जागा नहीं है.....
यही तो खैर है की आपने इसका लाभ उठाने का प्रयत्न किया और समाज द्वारा कोई ठोस प्रतिक्रिया भी नहीं हुई.......

हम भारतीय सविंधान का सम्मान करते हैं और उसी के आधार पर आपको लोकतांत्रिक रूप से भी जावाब देने का कार्य करेंगे........

असाधारण समाज का साधारण साथी - *उत्तम कुशवाहा*
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