बांगरमऊ उन्नाव 5 जुलाई 2018 ।।




 नवसृजित तहसील बांगरमऊ में उपकोषागार की स्थापना के लिए उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ के वरिष्ठ अधिवक्ता तथा यश भारती सम्मान से सम्मानित प्रमुख समाजसेवी फारूक अहमद ने उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ में एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्ष 2014 में बांगरमऊ तहसील घोषित हो चुकी है और 23 फरवरी 2018 को सब रजिस्ट्रार कार्यालय भी कायम हो चुका है लेकिन उप कोषागार कार्यालय बांगरमऊ में नहीं है इसलिए उप कोषागार कार्यालय की स्थापना शीघ्र कराई जाए।
        उच्च न्यायालय खंडपीठ लखनऊ की डबल बेंच ने 3 मई 2018 को उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित किया था कि वह 6 सप्ताह में इस संबंध में उचित निर्णय लें। जब 3 मई 2018 के न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो 2 जुलाई 2018 को वित्त विभाग के प्रमुख सचिव संजीव मित्तल को पक्षकार बनाते हुए अवमानना याचिका फारूक अहमद ने दायर की जिसकी सुनवाई दिनांक 4 जुलाई 2018 को न्यायमूर्ति ए आर मसूदी ने की। सुनवाई के बाद अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता उत्तर प्रदेश सरकार को न्यायालय ने निर्देश दिया कि विपक्षी प्रमुख सचिव वित्त से निर्देश प्राप्त करें कि जनहित याचिका पारित आदेश दिनांक 3 मई 2018 का अनुपालन अभी तक क्यों नहीं किया गया और इसकी अगली सुनवाई 9 अगस्त 2018 को होगी।।

उन्नाव रिपोर्टर मोहित मिश्रा
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours