बाँदा जिला रिपोर्टर ब्रजेश अवस्थी संजय की रिपोर्ट
किसान खेती छोड़ मजदूर बनने को
मजबूर
भारतीय किसान यूनियन की एक
बैठक संकट मोचन मंदिर के समीप
हुई। जिसमें समर्थन मूल्य के निर्धारण
को लेकर आक्रोश जताया। कहा कि
किसानों पर कर्ज।
भारतीय किसान यूनियन की बैठक को
सम्बोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष
बैजनाथ अवस्थी ने कहा कि प्रदेश
की अधिकांश जनसंख्या प्रत्यक्ष व
अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़ा हुआ है।
किसान को फसल तैयार करने में जो
मेहनत लगती है लेकिन उसका लाभ
नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों
पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ।
किसान खेती को छोड़ मजदूरी करने
को विवश है।कहां की फसलों का
लाभकारी मूल्य जो भारत सरकार ने
खरीफ फसलों की उपज का निर्धारण
किया है उससे किसानों में आक्रोश ।
व्याप्त है। इसके बाद किसान अपने
विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट
परिसर पहुंचे और नारेबाजी कर
प्रदर्शन किया। देश के प्रधानमंत्री को
संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को ।
दिया। मांग की है कि किसानों की मांग
और सरकार अपने वादे के अनुसार।
किसानों के द्वारा फसलों में लगाई गई
लागत में 50 फीसदी जोडकर समर्थन
मूल्य का निर्धारण किया जाए।
किसान खेती छोड़ मजदूर बनने को
मजबूर
भारतीय किसान यूनियन की एक
बैठक संकट मोचन मंदिर के समीप
हुई। जिसमें समर्थन मूल्य के निर्धारण
को लेकर आक्रोश जताया। कहा कि
किसानों पर कर्ज।
भारतीय किसान यूनियन की बैठक को
सम्बोधित करते हुए मंडल अध्यक्ष
बैजनाथ अवस्थी ने कहा कि प्रदेश
की अधिकांश जनसंख्या प्रत्यक्ष व
अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़ा हुआ है।
किसान को फसल तैयार करने में जो
मेहनत लगती है लेकिन उसका लाभ
नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसानों
पर कर्ज बढ़ता जा रहा है। ऐसे में ।
किसान खेती को छोड़ मजदूरी करने
को विवश है।कहां की फसलों का
लाभकारी मूल्य जो भारत सरकार ने
खरीफ फसलों की उपज का निर्धारण
किया है उससे किसानों में आक्रोश ।
व्याप्त है। इसके बाद किसान अपने
विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट
परिसर पहुंचे और नारेबाजी कर
प्रदर्शन किया। देश के प्रधानमंत्री को
संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को ।
दिया। मांग की है कि किसानों की मांग
और सरकार अपने वादे के अनुसार।
किसानों के द्वारा फसलों में लगाई गई
लागत में 50 फीसदी जोडकर समर्थन
मूल्य का निर्धारण किया जाए।



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