हरदोई की निवासी हैं मोनिका ने की आत्महत्या

आज एक बार फिर बाराबंकी में एक महिला सिपाही ने अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया। मोनिका नाम की महिला सिपाही जोकि हैदरगढ़ कोतवाली में तैनात थी वह अपने कमरे में फांसी के फंदे से लटकती पायी गयीं। मौके से पुलिस जांच में एक सुसाइड नोट बरामद (recovered) हुआ, जिसमें सिपाही ने अपने ही विभग पर काफी आरोप लगाए।

अफसर करते हैं टॉर्चर

मृतक आरक्षी मोनिका ने सुसाइड नोट में लिखा है कि ‘मैं मोनिका थाना हैदरगढ़, बाराबंकी में आरक्षी के पद पर नियुक्त हूं। मैं कार्यालय में सीसीटीएनएस पर कार्यरत होने के बावजूद भी बार-बार बाहर ड्यूटी लगाकर टार्चर किया जाता है। सीसीटीएनएस पर कार्यरत लोगों की कही बाहर ड्यूटी नहीं लगती है।

जब उन्होंने इस चीज का विरोध किया तो कार्यालय में मौजूद कांस्टेबल मो. रूखसार अहमद और एसएचओ परशुराम ओझा उसे मानसिक तौर पर परेशान करने लगे। यही नहीं रजिस्टर पर गैर हाजिरी भी लगा दी गई।
बाराबंकी में फांसी से झूलती मिली महिला सिपाही

इस डिपार्टमेंट में अगर कुछ खुद के साथ गलत हो रहा है तो उसका विरोध करना गुनाह है। जो भी हो रहा है चुपचाप सहते जाओ, तब ही शायद सभी खुश रहते हैं। 29 सितंबर को जब वह अपनी छुट्टी लेकर एसएचओ के पास गई तो उन्होंने रजिस्टर फेंक दिया और बोले कि हम छुट्टी नहीं देंगे।

इस पत्र में आगे लिखा है कि ‘मुझे समझ नहीं आता है कि आखिर जिन छुट्टियों पर हमारा हक है उनके लिए भी हमें उच्च अधिकारियों के सामने भीख मांगनी पड़ती है। आखिर कब तक यह सब कर्मचारियों को झेलना पड़ेगा?

अगर शायद आज छुट्टी दे दी गई होती तो यह कदम नहीं उठाना पड़ता और आज नहीं रोना व परेशान होना पड़ता। मोनिका ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि सॉरी मम्मी-पापा जो भी आप लोगों के साथ गलत किया, हो सके तो माफ कर देना।’

हरदोई की निवासी हैं मोनिका

जानकारी के मुताबिक, हरदोई जिले की मूल निवासी मोनिका 2016 बैच की सिपाही थी। करीब एक साल से कोतवाली में तैनात मोनिका कस्बे की पंजाब नेशनल बैंक के निकट किराये का कमरा लेकर रह रही थी। सुबह मकान मालिक ने देखा तो पास में ही रहने वाली आरक्षी ममता पाल को जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी
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