जयप्रकाशनगर। घाघरा का रौद्र रूप जारी है।
बीएसटी (बकुल्हा संसार टोला ) बांध को बचाने के लिए 23 करोड़ से कराए गए बचाव कार्य पानी में बहना शुरू हो गया है। बांध को बचाने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से बनवाया गया टी स्पर भी घाघरा की धारा से कटने लगा है। टी स्पर के आसपास बांध को भी घाघरा निशाना बनाने लगी है। इसके चलते बांध क्षेत्र में बसी बस्ती के लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। उधर, बाढ़ विभाग की ओर से बांध को बचाने के लिए कटान रोधी कार्य शरू करा दिया गया है।
इस वर्ष भी बाढ़ विभाग की ओर से बकुल्हा संसार टोला बांध को घाघरा को कटान से बचाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। बावजूद इसके कटान से स्थायी निजात नहीं मिल पाई। नदी ने फिर अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत व चांददियर पंचायत में 2010- 11 से घाघरा नदी का कटान जारी है। क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर ने करीब दस किलोमीटर की दूरी वाला बकुलहा संसार टोला बांध का निर्माण करवाया था। अब घाघरा नदी उसको भी अपने आगोश में लेने के लिए आतुर है। वर्ष 2014 में बाढ़ विभाग ने करीब दो करोड़ रुपये खर्च कर कटान रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य कराया। इसके बाद वर्ष 2015 में 17 करोड़ एक लाख रुपये की लागत से प्रोजेक्ट बनाकर कटानरोधी कार्य हुआ। वर्ष 2016 में भी जुलाई माह से करीब 500 मीटर दूर होते हुए भी कटान करते हुए बकुल्हा संसार टोला बंधे के पास पहुंची और बंधे को जब अपने आगोश में लेना शुरू किया तब विभाग ने कटान रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग करना शुरू किया। इस पर 27 जुलाई से 10 सितंबर तक चले कटानरोधी कार्य पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए। बावजूद इसके राहत नहीं मिली और न ही कटान से स्थायी निजात मिली। वर्ष 2018 में भी बांध को सुरक्षित करने के लिए 23 करोड़ रुपये की लागत से कटाव रोधी कार्य करवाया गया। यह कार्य भी घाघरा के कटान पर अंकुश नहीं लगा सका और चार दिनों से नदी बकुल्हा संसार टोला बांध को आगोश में लेने को आतुर दिख रही है। हालांकि यह देख बाढ़ विभाग के नुमाइंदे कटाव यको रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य करवा रहे हैं।
एक दर्जन से अधिक गांव को सुरक्षा देता है बांध
जयप्रकाशनगर। बीएसटी बांध क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांव बसे हुए हैं। बांध को घाघरा ने निशाना बनाया तो इन गांवों में तबाही मच सकती है। बकुल्हा संसार टोला बांध से सुरक्षित रहने वाले गांवों में नई बस्ती, दलजीत टोला, जयप्रकाशनगर, बाबू के डेरा पूर्वी, बाबू के डेरा पच्छिमी, खवासपुर, लक्ष्मण छपरा, शोभा छपरा, फकरु टोला, बाज राय के टोला, टोला रिशाल राय, संसार टोला, मठधज्जु गिरि, धतुरी टोला, कर्ण छपरा, सुकरौली, श्रीपतिपुर, बाजिदपुर, दलन छपरा, विशुनपुरा, मुरली छपरा, नवानगर डोमन राय के टोला, प्रीतम छपरा, सेवक टोला, रामनगर आदि गांव हैं।
विधायक ने लिया जायजा, अफसरों को चेताया
जयप्रकाशनगर। क्षेत्र के बकुल्हा संसार टोला बांध के समीप घाघरा नदी से कटाव की सूचना पाकर विधायक सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार को चेताया कि किसी कीमत पर बांध सुरक्षित रहना चाहिए। कहा कि अगर बांध को नुकसान पहुंचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच एसई की ओर से कमीशन लेकर मनमाना भुगतान की बात सामने आने पर विधायक ने ईई को कार्यशैली में सुधार करने को कहा। बाले कि ईमानदारी से भुगतान करें। इस मौके पर जेई आरडी यादव, एके राय, नंदजी सिंह, राकेश सिंह, दुर्गा सिंह आदि रहे ।
नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से कटान जरूर होने लगा था, लेकिन जलस्तर में कमी हो रही है। इससे कटान भी नियंत्रित हो चुका है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है। जहां नदी ने हल्का कटान किया है उसके लिए बचाव कार्य जारी है।
- मनीष वर्मा
बीएसटी (बकुल्हा संसार टोला ) बांध को बचाने के लिए 23 करोड़ से कराए गए बचाव कार्य पानी में बहना शुरू हो गया है। बांध को बचाने के लिए बाढ़ विभाग की ओर से बनवाया गया टी स्पर भी घाघरा की धारा से कटने लगा है। टी स्पर के आसपास बांध को भी घाघरा निशाना बनाने लगी है। इसके चलते बांध क्षेत्र में बसी बस्ती के लोगों की धड़कने बढ़ गई हैं। उधर, बाढ़ विभाग की ओर से बांध को बचाने के लिए कटान रोधी कार्य शरू करा दिया गया है।
इस वर्ष भी बाढ़ विभाग की ओर से बकुल्हा संसार टोला बांध को घाघरा को कटान से बचाव के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए। बावजूद इसके कटान से स्थायी निजात नहीं मिल पाई। नदी ने फिर अपना उग्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इब्राहिमाबाद नौबरार पंचायत व चांददियर पंचायत में 2010- 11 से घाघरा नदी का कटान जारी है। क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए वर्ष 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चंद्रशेखर ने करीब दस किलोमीटर की दूरी वाला बकुलहा संसार टोला बांध का निर्माण करवाया था। अब घाघरा नदी उसको भी अपने आगोश में लेने के लिए आतुर है। वर्ष 2014 में बाढ़ विभाग ने करीब दो करोड़ रुपये खर्च कर कटान रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य कराया। इसके बाद वर्ष 2015 में 17 करोड़ एक लाख रुपये की लागत से प्रोजेक्ट बनाकर कटानरोधी कार्य हुआ। वर्ष 2016 में भी जुलाई माह से करीब 500 मीटर दूर होते हुए भी कटान करते हुए बकुल्हा संसार टोला बंधे के पास पहुंची और बंधे को जब अपने आगोश में लेना शुरू किया तब विभाग ने कटान रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग करना शुरू किया। इस पर 27 जुलाई से 10 सितंबर तक चले कटानरोधी कार्य पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए। बावजूद इसके राहत नहीं मिली और न ही कटान से स्थायी निजात मिली। वर्ष 2018 में भी बांध को सुरक्षित करने के लिए 23 करोड़ रुपये की लागत से कटाव रोधी कार्य करवाया गया। यह कार्य भी घाघरा के कटान पर अंकुश नहीं लगा सका और चार दिनों से नदी बकुल्हा संसार टोला बांध को आगोश में लेने को आतुर दिख रही है। हालांकि यह देख बाढ़ विभाग के नुमाइंदे कटाव यको रोकने के लिए फ्लड फाइटिंग के तहत कार्य करवा रहे हैं।
एक दर्जन से अधिक गांव को सुरक्षा देता है बांध
जयप्रकाशनगर। बीएसटी बांध क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक गांव बसे हुए हैं। बांध को घाघरा ने निशाना बनाया तो इन गांवों में तबाही मच सकती है। बकुल्हा संसार टोला बांध से सुरक्षित रहने वाले गांवों में नई बस्ती, दलजीत टोला, जयप्रकाशनगर, बाबू के डेरा पूर्वी, बाबू के डेरा पच्छिमी, खवासपुर, लक्ष्मण छपरा, शोभा छपरा, फकरु टोला, बाज राय के टोला, टोला रिशाल राय, संसार टोला, मठधज्जु गिरि, धतुरी टोला, कर्ण छपरा, सुकरौली, श्रीपतिपुर, बाजिदपुर, दलन छपरा, विशुनपुरा, मुरली छपरा, नवानगर डोमन राय के टोला, प्रीतम छपरा, सेवक टोला, रामनगर आदि गांव हैं।
विधायक ने लिया जायजा, अफसरों को चेताया
जयप्रकाशनगर। क्षेत्र के बकुल्हा संसार टोला बांध के समीप घाघरा नदी से कटाव की सूचना पाकर विधायक सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित बाढ़ विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार को चेताया कि किसी कीमत पर बांध सुरक्षित रहना चाहिए। कहा कि अगर बांध को नुकसान पहुंचने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच एसई की ओर से कमीशन लेकर मनमाना भुगतान की बात सामने आने पर विधायक ने ईई को कार्यशैली में सुधार करने को कहा। बाले कि ईमानदारी से भुगतान करें। इस मौके पर जेई आरडी यादव, एके राय, नंदजी सिंह, राकेश सिंह, दुर्गा सिंह आदि रहे ।
नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से कटान जरूर होने लगा था, लेकिन जलस्तर में कमी हो रही है। इससे कटान भी नियंत्रित हो चुका है। बांध पूरी तरह सुरक्षित है। जहां नदी ने हल्का कटान किया है उसके लिए बचाव कार्य जारी है।
- मनीष वर्मा



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