एसपी कलेक्टर केंद्रीय मंत्री कि मौजूदगी में भाजपा के युवा पदाधिकारी भिंड़े,,,? सिकल कंपनी में ठेका, सप्लाई का विवाद सड़क पर आया,,,! गाली गलौज जूतम पैजार कि स्थिति
आज सायं NTPC विंध्याचल के गेस्ट हाउस सूर्य भवन में केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के आगमन पर दो गुटों के भाजपा पदाधिकारी अचानक कई दिनों बाद आमने-सामने हुए,,,!
इशारों इशारों में बात हुई आंखें तरेरी,,,!
बात जबान पर आ गई तथा एक दूसरे को गाली गलौज शुरू कर दिए ,,,!
वही कॉलर पकड़ा-पकड़ी झूमा-झटकी, हाथापाई के साथ जूते चप्पल उतार के मारने के प्रयास जैसी नौबत भरी सभा में देखने को मिली,,,!
तमाम लोगों की मौजूदगी में यह नजारा देखकर वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी विधायक सिंगरौली एवं SDM तथा सीडा उपाध्यक्ष ने बीच बचाव कर बदनामी से बचने बचाने की बात कही,,,!
दोनों पक्षों को अलग अलग किया ।
प्रत्यक्षदर्शियों कि मानें तो एक तरफ विनोद द्विवेदी भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष एवं महामंत्री देवेश पांडे थे तो दूसरी तरफ विनोद कुरवंशी एवं प्रवीण तिवारी पूर्व पदाधिकारी थे।
दोनों पक्षों द्वारा सिकल कंपनी में अपने लोगों को रोजगार नौकरी दिलाने तथा स्वयं हासिल करने का विवाद गंभीर रूप ले लिया था।
अंदर ही अंदर आग धधक हि रही थी अंततः आमने सामने आए और विवाद हो गया।
इस वाकये को लेकर प्रशासनिक एवं राजनैतिक गलियारों में तरह-तरह कि चर्चाएं होने लगी हैं
आज सायं NTPC विंध्याचल के गेस्ट हाउस सूर्य भवन में केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर के आगमन पर दो गुटों के भाजपा पदाधिकारी अचानक कई दिनों बाद आमने-सामने हुए,,,!
इशारों इशारों में बात हुई आंखें तरेरी,,,!
बात जबान पर आ गई तथा एक दूसरे को गाली गलौज शुरू कर दिए ,,,!
वही कॉलर पकड़ा-पकड़ी झूमा-झटकी, हाथापाई के साथ जूते चप्पल उतार के मारने के प्रयास जैसी नौबत भरी सभा में देखने को मिली,,,!
तमाम लोगों की मौजूदगी में यह नजारा देखकर वरिष्ठ पदाधिकारी एवं प्रशासनिक अधिकारी विधायक सिंगरौली एवं SDM तथा सीडा उपाध्यक्ष ने बीच बचाव कर बदनामी से बचने बचाने की बात कही,,,!
दोनों पक्षों को अलग अलग किया ।
प्रत्यक्षदर्शियों कि मानें तो एक तरफ विनोद द्विवेदी भाजपा युवा मोर्चा अध्यक्ष एवं महामंत्री देवेश पांडे थे तो दूसरी तरफ विनोद कुरवंशी एवं प्रवीण तिवारी पूर्व पदाधिकारी थे।
दोनों पक्षों द्वारा सिकल कंपनी में अपने लोगों को रोजगार नौकरी दिलाने तथा स्वयं हासिल करने का विवाद गंभीर रूप ले लिया था।
अंदर ही अंदर आग धधक हि रही थी अंततः आमने सामने आए और विवाद हो गया।
इस वाकये को लेकर प्रशासनिक एवं राजनैतिक गलियारों में तरह-तरह कि चर्चाएं होने लगी हैं



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