गणपति विसर्जन के बाद गोमती मित्र मंडल ने निभाई अपनी जिम्मेदारी किया श्रमदान ।
पूर्णिमा के दिन स्नान करने के लिए दूरदराज से महिला ओ को आना था लेकिन धाम पर चारों ओर अव्यवस्था का बोलबाला था प्रशासनिक व्यवस्था न के बराबर थी ।
गणपति विसर्जन के बाद गोमती मित्र मंडल ने निभाई अपनी जिम्मेदारी
श्रमदान रूद्र प्रताप सिंह मदन के नेतृत्व में हुआ जिसमें सोनम किन्नर संत कुमार प्रधान राजेश पाठक अजय वर्मा अतुल भोले श्याम बास लगातार लगे रहे समस्त जानकारी गोमती मित्र मंडल मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी द्वारा दी गई पूर्णिमा के दिन स्नान करने के लिए दूरदराज से महिलाओं को आना था लेकिन धाम पर चारों और अव्यवस्था का बोलबाला था प्रशासनिक व्यवस्था ना के बराबर थी एक बार पुनः निभाई गोमती मित्र मंडल ने अपनी जिम्मेदारी 24 25 की रात में गणपति विसर्जन के बाद किसी ने भी इस बात की चिंता करने की कोशिश नहीं की कि उसके बाद जो कुछ भी सीता कुंड धाम पर छोड़कर जा रहे हैं वह आने वाले श्रद्धालुओं को कितना कष्टप्रद होगा क्योंकि दूसरे पूर्णिमा थी स्नान करने के लिए बड़ोदरा से महिलाओं को आना था लेकिन धाम पर चार और अव्यवस्था का बोलबाला था अंत में गोमती मित्रों ने अंत में गोमती मित्रों ने ही पुनः श्रमदान करके पूरे धाम को साफ सुथरा की ताकि सी श्रद्धालुओं को धाम पर आने के बाद तकलीफ ना हो और दिक्कतों का सामना ना करना पड़े श्रमदान के पहले और श्रमदान के बाद की स्थिति को तस्वीरों से स्पष्ट तौर पर देखा और समझा जा सकता है । रमाशंकर सिंह ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर
पूर्णिमा के दिन स्नान करने के लिए दूरदराज से महिला ओ को आना था लेकिन धाम पर चारों ओर अव्यवस्था का बोलबाला था प्रशासनिक व्यवस्था न के बराबर थी ।
गणपति विसर्जन के बाद गोमती मित्र मंडल ने निभाई अपनी जिम्मेदारी
श्रमदान रूद्र प्रताप सिंह मदन के नेतृत्व में हुआ जिसमें सोनम किन्नर संत कुमार प्रधान राजेश पाठक अजय वर्मा अतुल भोले श्याम बास लगातार लगे रहे समस्त जानकारी गोमती मित्र मंडल मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी द्वारा दी गई पूर्णिमा के दिन स्नान करने के लिए दूरदराज से महिलाओं को आना था लेकिन धाम पर चारों और अव्यवस्था का बोलबाला था प्रशासनिक व्यवस्था ना के बराबर थी एक बार पुनः निभाई गोमती मित्र मंडल ने अपनी जिम्मेदारी 24 25 की रात में गणपति विसर्जन के बाद किसी ने भी इस बात की चिंता करने की कोशिश नहीं की कि उसके बाद जो कुछ भी सीता कुंड धाम पर छोड़कर जा रहे हैं वह आने वाले श्रद्धालुओं को कितना कष्टप्रद होगा क्योंकि दूसरे पूर्णिमा थी स्नान करने के लिए बड़ोदरा से महिलाओं को आना था लेकिन धाम पर चार और अव्यवस्था का बोलबाला था अंत में गोमती मित्रों ने अंत में गोमती मित्रों ने ही पुनः श्रमदान करके पूरे धाम को साफ सुथरा की ताकि सी श्रद्धालुओं को धाम पर आने के बाद तकलीफ ना हो और दिक्कतों का सामना ना करना पड़े श्रमदान के पहले और श्रमदान के बाद की स्थिति को तस्वीरों से स्पष्ट तौर पर देखा और समझा जा सकता है । रमाशंकर सिंह ब्यूरो चीफ सुल्तानपुर



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