फतेहपुर चौरासी उन्नाव


क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ केंद्र पर अवस्थाओं के बीच नियमित टीकाकरण के लिए आयोजित किए गए आई पी सी कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं। इस कार्यक्रम के जरिए आशा बहू, महिला स्वस्थ्य कर्मी और आंगनवाडी कार्यकत्रियों को गांव में टीकाकरण की सरल विधि प्रक्रिया पूरी करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।अलग-अलग तिथियों में आयोजित किये गए यह कार्यक्रम जहां भी आयोजित किए है वहां पर शिक्षार्थी महिलाओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा है। कहीं बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं रही तो कहीं महिलाओं को जमीन में बैठकर प्रशिक्षण प्राप्त करना पड़ा।
       राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत बांगरमऊ तहसील के प्राथमिक स्वास्थ केंद्र गंज मुरादाबाद और फतेहपुर चौरासी तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बांगरमऊ में राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत आशा बहू, महिला स्वास्थ्य कर्मियों और आंगनवाडी कार्यकर्ताओं को आईपीसी नियमित टीकाकरण हेतु कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बांगरमऊ सामुदायिक स्वास्थ केंद्र ने यह कार्यक्रम सात जून से चलकर 22 जून तक चला और यहां नौ ग्रुप बनाकर अवकाश प्राप्त स्वास्थ प्रतिरक्षी करण अधिकारी गणेश शंकर मिश्रा द्वारा दिया गया। गंज मुरादाबाद में 25 जून से और फतेहपुर चौरासी में 25 जून से यह कार्यक्रम आज 4 जुलाई सम्पन्न हो गये। गंज मुरादाबाद में धीरेंद्र कुमार द्वारा और फतेहपुर चौरासी में गणेश शंकर मिश्रा द्वारा इस कार्यक्रम को चलाया गया। जो क्रमशः आठ और 10 बैच बनाकर किया जा किया गया है। प्रशिक्षको इस कार्यक्रम में आई प्रशिक्षार्थियों को नियमित टीकाकरण की भूमिका में उन्हें अपने कार्य निर्धारण हेतु बताया गया कि अपने गांव के सभी घरो का सर्वेक्षण करें ।परिवारों के बच्चों की सूची तैयार करें ।समुदाय में टीकाकरण संबंधित आ रही बाधाओं को समझें। समुदाय के बीच चर्चा करने के लिए अपने साथ संचार सामग्री जरूर ले जाए। परिवारों को  टीकाकरण संबंधित जानकारी दे। माता पिता प्रोत्साहित करें कि वह अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं। अपने समुदाय के मुख्य प्रभावी लोगों के सहयोग का प्रयास करें। समुदाय में नियमित टीकाकरण से संबंधित चुनौतियों को लेकर प्रभावी लोगों को जागरुक करने और टीकाकरण के महत्व के बारे में जानकारी कराएं। जिसके लिए अलग से प्रोत्साहन राशि भी आशाओं को दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान देखने को मिला की यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कहीं भी व्यवस्थित रूप से नहीं संपन्न कराए गए ।हर जगह अव्यवस्थाओं का बोल बाला रहा और प्रशिक्षु महिलाओं को बैठने तक की सही व्यवस्था नहीं की गई। इसके जुम्मेदार लोग अपने को प्रशिक्षण कार्यक्रम से अलग रखे रहे और कुछ स्थानों पर तो प्रशिक्षकों को ही उठने बैठने की व्यवस्था का इंतजाम करना पड़ा।एक केंद्र पर तो देखने को मिला कि वहां बैठने के लिए किसी दरी या चादर तक को नहीं बिछाया गया,कमरा और हाल की बात कौन कहे? और उस केंद्र पर महिलाएं पेड़ की छाया में आर सी सी मार्ग पर बैठकर प्रशिक्षण लेती रही। प्रशिक्षण केंद्र की अब्यवस्थाओं पर प्रशिक्षु महिलाओं में अपने अस्पतालों के प्रभारी के प्रति रोष देखने को मिला।

उन्नाव रिपोर्टर मोहित मिश्रा
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